zindagi rahi taa fir mila ge
marn to bad kon yaad rakhda
zindagi rahi taa fir mila ge
marn to bad kon yaad rakhda
खुद की जवां तस्वीर बूढ़ी पलकों ने देखी है,
बीती वो जिंदगी अब सूनी सड़कों में देखी है,
हालात वही है बस थोड़ा वक्त का तकाज़ा है,
गुज़रा था जो पल आज फिर थोड़ा ताज़ा है,🍂
वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है,,,
वो हम बिस्तर तो होता है,,,
हमसफर किसी और को बनाना चाहता है,,,
वो वक्त काटता मेरे साथ है,,,
वक्त बिताना किसी और के साथ चाहता है,,,
वो मुस्कुराता मेरे साथ है,,,
वो मुस्कान किसी और का बनना चाहता है,,,
वो हाथ थामे तो मेरा चलता है,,,
वो जिंदगी का सफर किसी और के साथ चलना चाहता है,,,
वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है….।।