में किस लिए यहाँ इस कदर जूझ रहा हूँ
जिंदगी बता,
में तुझसे कुछ पूछ रहा हूँ
Enjoy Every Movement of life!
में किस लिए यहाँ इस कदर जूझ रहा हूँ
जिंदगी बता,
में तुझसे कुछ पूछ रहा हूँ

मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️