Hauli hauli din Jo nikal rahe ne tere bin
Hauli hauli zindagi vi nikal jayegi..!!
ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਦਿਨ ਜੋ ਨਿਕਲ ਰਹੇ ਨੇ ਤੇਰੇ ਬਿਨ
ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵੀ ਨਿਕਲ ਜਾਏਗੀ..!!
Hauli hauli din Jo nikal rahe ne tere bin
Hauli hauli zindagi vi nikal jayegi..!!
ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਦਿਨ ਜੋ ਨਿਕਲ ਰਹੇ ਨੇ ਤੇਰੇ ਬਿਨ
ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵੀ ਨਿਕਲ ਜਾਏਗੀ..!!
Chal mere hamnashi ab kahi aur chal,
Is chaman mein ab apna guzara nhi,
Baat hoti gulo tkk to seh lete hum,
Ab kaanton pe bhi hak hmara nahi💔
चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।💔
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।