
Asi zindarhi e tere naawe layi ranjhna..!!

Akhan vich hanju v nahi te dilon asin khush v nahi
kahda hak jamaiye ve sajjna asin hun tere kuchh nahiਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਹੰਜੂ ਵੀ ਨਹੀ ਤੇ ਦਿਲੋ ਅਸੀ ਖੁਸ਼ ਵੀ ਨਹੀ
ਕਾਹਦਾ ਹੱਕ ਜਮਾਈਏ ਵੇ ਸੱਜਣਾ ਅਸੀ ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਕੁਛ ਵੀ ਨਹੀ
इक झील मिली है, एक झरने के बाद
बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद
ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको
वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद
फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं
अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद
मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे
ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद
अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी
हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद
मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो
लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद
के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो
मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद