
Asi zindarhi e tere naawe layi ranjhna..!!

डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।
Ye lakire ye nasib ye kismat,
Sab fareb ke aayine hain,
Hathon mein tera hath hone se hi,
Mukammal zindagi ke mayine hain❤️
ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत,
सब फ़रेब के आईने हैं,
हाथों में तेरा हाथ होने से ही,
मुकम्मल ज़िन्दगी के मायने हैं।❤