इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂

Masum jehi zindarhi te dass tu
Eh ki kehar kamawein..!!
Na koi suneha aunda tera
Na aap kol tu aawein..!!
ਮਾਸੂਮ ਜਿਹੀ ਜ਼ਿੰਦੜੀ ‘ਤੇ ਦੱਸ ਤੂੰ
ਇਹ ਕੀ ਕਹਿਰ ਕਮਾਵੇਂ..!!
ਨਾ ਕੋਈ ਸੁਨੇਹਾ ਆਉਂਦਾ ਤੇਰਾ
ਨਾ ਆਪ ਕੋਲ ਤੂੰ ਆਵੇਂ..!!