इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
आज दीदार ना हुआ उनका एक बार भी, नाराज से लगते हैं..
सुनाई देती है जैसे ही दस्तक कोई, बार- बार दरवाजे पे भगते हैं..
हर बार कोई और होता है, ख्वाब टूट जाता है, नींद से जगते हैं..
अरे कोई तो खबर करदो उन्हें, इंतजार में हैं, वो अपने से लगते हैं..❤️
Mujhe nahi khabar k tumahri zindagi me woh kaun saa pal hai …???
jo sirf mere lai ho…
par meri zindagi ka har ik pal
sirf tumahare liye hai
मुझे नही खबर कि तुम्हारी जिन्दगी में वो कौन सा पल है…..???
जो सिर्फ मेरे लिए हो…
पर मेरी जिन्दगी का हर इक पल.
सिर्फ तुम्हारे लिए है