इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
Ohh majbor c pyar mere chh,
Kal mai onha azaad karta.
Ohna aap te ni dssya ess baare kuj,
Mai ohdi chupi nu padh lya
Te step back kar gya…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Aksar gum hote firte the Andheri raat me ,
Ujala krdia jo tum laaye roshni apne sath me,,
Ab toh bs khoye rehte hai tujhme hi ,,,
Najane kaunsi raaz hai tumhari baat me..😶
अक्सर गुम होते फिरते थे अंधेरी रात में
उजाला करदिया जो तुम लाए रोशनी अपने साथ में
अब तो बस खोये रहते हैं तुझमें ही
नज़ारे कौनसी राज़ है तुम्हारी बात में..😶