इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
वो कहते हैं आगे चलके हमें भूल जाएंगे|
शायद कभी जिंदगी में मिल ही नहीं पाएंगे||
कैसे गुजारेंगे हम जिंदगी उनके बिना,
अगर वो बीच राह में हमें यू छोड़ जाएंगे||
सोचा नहीं उन्होंने हमारे बारे में एक दफा,
कि क्या होगा हमारा जब वे हमें भूल जाएंगे||
उन्होंने तो बड़ी आसानी से कह दी ये बात,
अब जरा उनसे कोई पूछो कि उनके बगैर हम कैसे रह पाएंगे||
Tu hath kalam nu shuha dite
kadam shayari de sade rahi paa dite
aakhan piyaasiyaan sn, teri deed layi
asin peedan nu hanju bna, moti tere kadmaan vich vchha dite
ਤੂੰ ਹੱਥ ਕਲਮ ਨੂੰ ਛੁਹਾ ਦਿੱਤੇ
ਕਦਮ ਸ਼ਾਇਰੀ ਦੇ ਸਾਡੇ ਰਾਹੀਂ ਪਾ ਦਿੱਤੇ
ਅੱਖਾਂ ਪਿਆਸੀਆਂ ਸਨ ਤੇਰੀ ਦੀਦ ਲਈ
ਅਸੀਂ ਪੀੜਾਂ ਨੂੰ ਹੰਝੂ ਬਣਾ,
ਮੋਤੀ ਤੇਰੇ ਕਦਮਾਂ ਵਿੱਚ ਵਸਾ ਦਿੱਤੇ