इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
Enjoy Every Movement of life!
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
Tu Jab Aai Thi To o Sunhara
Shaam Bhi Mujhko Mila Tha.
Tere Jaane Ke Baad
O Shaam Kanhi Andhere me ba Gum hai…
Niklu jis din saah gal oh din mukni aa
tere walon diti peedh us din rukni aa
ਨਿਕਲੂ ਜਿਸ ਦਿਨ ਸਾਹ ਗੱਲ ਓਹ ਦਿਨ ਮੁਕਣੀ ਆ
ਤੇਰੇ ਵੱਲੋਂ ਦਿਤੀ ਪੀੜ੍ਹ ਉਸ ਦਿਨ ਰੁਕਣੀ ਆ