इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂

Ishq da hoyia rang goorha hor
Jinni doori ishq vadh gya e onna hor
Menu na chahat tere ton bgair kise vi cheez di
Tu khush rhe mein dekhda raha menu chahida nhi kuj hor ❤
ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਹੋਇਆ ਰੰਗ ਗੂੜ੍ਹਾ ਹੋਰ
ਜਿੰਨੀ ਦੂਰੀ ਇਸ਼ਕ ਵੱਧ ਗਿਆ ਏ ਓਨਾ ਹੋਰ
ਮੈਨੂੰ ਨਾ ਚਾਹਤ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਚੀਜ਼ ਦੀ
ਤੂੰ ਖੁਸ਼ ਰਹੇ ਮੈਂ ਦੇਖਦਾ ਰਵਾਂ ਮੈਨੂੰ ਚਾਹੀਦਾ ਨਹੀਂ ਕੁੱਝ ਹੋਰ❤