ज़िन्दगी के सफ़र में
मुसाफिर चलता गया
जैसा रब ने चाहा
वैसा सफर कटता गया
मुसाफिर आगे बढ़ते रहे
और मंज़िल का रास्ता घटता गया💯
Enjoy Every Movement of life!
ज़िन्दगी के सफ़र में
मुसाफिर चलता गया
जैसा रब ने चाहा
वैसा सफर कटता गया
मुसाफिर आगे बढ़ते रहे
और मंज़िल का रास्ता घटता गया💯
Mujhe bolna nhi aata
Usse sabr karna nhi aata
Mai kese kahu mujhe mohabbat hai usse
Us pagal shakhs ko meri akhon ko padha bhi nhi aata😑
मुझे बोलना नही आता
उसे सब्र करना नही आता
मैं कैसे कहूँ मुझे मोहोब्बत है उससे
उस पागल शख्स को मेरी आँखें पढ़ना भी नही आता😑
