Kuchh apna andaaz hai kuchh mausam rangeen hai
tareef karu yaa chup rahu jurm dono hi sangeen hai
कुछ अपना अंदाज हैं कुछ मौसम रंगीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो ही संगीन हैं ?
Kuchh apna andaaz hai kuchh mausam rangeen hai
tareef karu yaa chup rahu jurm dono hi sangeen hai
कुछ अपना अंदाज हैं कुछ मौसम रंगीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो ही संगीन हैं ?
bina mile v te mulakaat hundi ae
khyaal v te kujh soch ke bnae ne rabb ne
ਬਿਨਾਂ ਮਿਲੇ ਵੀ ਤੇ ਮੁਲਾਕਾਤ ਹੁੰਦੀ ਐ,
ਖਿਆਲ ਵੀ ਤੇ ਕੁਝ ਸੋਚ ਕੇ ਬਣਾ ਏ ਨੇ ਰੱਬ ਨੇ..❤️
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला