तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
Enjoy Every Movement of life!
तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
कई हसीनाओं का दिल तो मुझपर, सिर्फ इसलिए भी आ जाता है..
क्यूंकि दिल में मेरे कुछ और होता है, जुबान पर कुछ और आता है..
कभी जो मेरी आंखें मेरे दिल की, बातें बयां गर करती हैं..
फिर चेहरा मेरा कुछ बोले बिना, हल्का सा सिर्फ मुस्कुराता है..
हल्का सा सिर्फ मुस्कुराता है..
. “Try not to be hesitant to surrender the great to go for the extraordinary.”
“No masterpiece was ever created by a lazy artist.”