तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
Menu bhulde Na oh sunakhe jahe pal
Chehra mera jad pyar naal tu takkeya c..!!
Ho k Duniya de silsile ton paraa jehe
Hath dil mere te tu rakheya c..!!
ਮੈਨੂੰ ਭੁੱਲਦੇ ਨਾ ਉਹ ਸੁਨੱਖੇ ਜਿਹੇ ਪਲ
ਚਿਹਰਾ ਮੇਰਾ ਜਦ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਤੂੰ ਤੱਕਿਆ ਸੀ..!!
ਹੋ ਕੇ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਸਿਲਸਿਲੇ ਤੋਂ ਪਰਾਂ ਜਿਹੇ
ਹੱਥ ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਤੇ ਤੂੰ ਰੱਖਿਆ ਸੀ..!!
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️