तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
Pareshan kar rakha hai Teri yaadon ne
Din ko dil nhi lagta
Aur raat ko ankhein nhi lagti..🫠
परेशान कर रखा हैं तेरी यादों ने,
दिन को दिल नही लगता,
और रात को आँखे नहीं लगती..🫠
Teri baaton ka asr hone lga
Teri yaadon mein main khone lga
Saath bhi hmesha apna hoga kabhi
Yahi sochkar dil mera rone lga😢
तेरी बातों का असर होने लगा
तेरी यादों में मैं खोने लगा
साथ भी हमेशा अपना होगा कभी
यही सोचकर दिल मेरा रोने लगा😢