तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
Enjoy Every Movement of life!
तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...
Zindagi de pal hun kujh aise nikle
ke likh gaye meri pyar kahani
jina marzi me bhulna chawa hun
bhuldi ni oh marjani
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪਲ ਕੁਝ ਐਸੇ ਨਿਕਲੇ
ਕਿ ਲਿਖ ਗਏ ਮੇਰੀ ਪਿਆਰ ਕਹਾਣੀ
ਜਿੰਨ੍ਹਾ ਮਰਜ਼ੀ ਮੈਂ ਭੁਲਣਾ ਚਾਵਾਂ ਹੁਣ
ਭੁਲਦੀ ਨਾ ਉਹ ਮਰਜਾਣੀ
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...