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दूर देश अंजाना || Hindi poetry || love shayari

हवा बहती हुई यूं मदधम सी, गा रही है एक तराना..
मेरे यार का लाई है संदेश, जिसपे नहीं है पता ठिकाना..
उस खत में लिखे हैं शब्द दो ही, अब कैसे जाए पहचाना..
आए तुम्हे जब याद मेरी, तुम प्यार से मुझे बुलाना..
मैं आउंगी ये वादा है, चाहे रोके सारा जमाना..
क्या भूल गई वादा वो अपना, इस गम में है दिल दीवाना..
क्या मै करूँ, चाहता है दिल, करीब उसके अब चले जाना..
मैं रोक नहीं सकता अब उसको, मुश्किल है सब्र कराना..
मैने हवा से की फरियाद के वापस मुझे अपने साथ ले जाना..
मैं आऊं कहां, मेरे यार का पता पुछ के मुझे बताना..
उसकी झलक को हूं मैं तरस गया, बस एक बार दिखला ना..
टालने में वो माहिर है, पर तू करना ना कोई बहाना..
क्यूं नहीं मिलता वो मुझसे, उसे मिलके है पता लगाना..
मुझे जानना है, वो है कहां, उसे क्यूं नहीं है यहां आना..
उसे कहदे मैं न भूलूंगा, चाहे भूले सारा जमाना..
गर वो नहीं आ सकती तो उसे पड़ेगा मुझे बुलाना..
हवा भी हो गई परेशान, वो चाहे मुझे समझाना..
जहां यार मेरा, मैं जा नहीं सकता, है दूर देश अंजाना….

Title: दूर देश अंजाना || Hindi poetry || love shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


HAMSAFAR KOI HOR HI || Sad Shayari

Niveaan ton sikh k kive ucheyaan naal jo ral jande ne
ki gal sunawan me lokaan di
sohne raah kise naal bna
hamsafar koi hor hi cun lainde ne

ਨਿਵਿਆਂ ਤੋਂ ਸਿਖ ਕੇ
ਕਿਵੇਂ ਉਚਿਆਂ ਨਾਲ ਜੋ ਰਲ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਕੀ ਗੱਲ ਸੁਣਾਵਾਂ ਮੈਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ
ਸੋਹਣੇ ਰਾਹ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਬਣਾ
ਹਮਸਫਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਹੀ ਚੁਣ ਲੈਂਦੇ ਨੇ

Title: HAMSAFAR KOI HOR HI || Sad Shayari


Sadi aadat Na jani || true love shayari || Punjabi shayari

Ohdi aadat e har pal narazgi jataun di..!!
Te Sadi aadat Na jani ohnu bepanah chahun di..!!

ਓਹਦੀ ਆਦਤ ਏ ਹਰ ਪਲ ਨਰਾਜ਼ਗੀ ਜਤਾਉਣ ਦੀ
ਤੇ ਸਾਡੀ ਆਦਤ ਨਾ ਜਾਣੀ ਓਹਨੂੰ ਬੇਪਨਾਹ ਚਾਹੁਣ ਦੀ..!!

Title: Sadi aadat Na jani || true love shayari || Punjabi shayari