Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..
रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..
जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..
चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..
धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!