Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
मैंने मेरे मन में
एक भरोसा पाला
उसे कभी क़ैद नहीं किया
वह जब-जब उड़ा फिर लौट आया
चिड़िया जैसे नन्हे पंख उगे
धरती के गुरुत्व के विरुद्ध पहली उड़ान
पहला लक्षण था आज़ादी की चाहना का
भरोसे के भीतर एक और भरोसा जन्मा
और ये सिलसिला चलता रहा
अब इनकी संख्या इतनी है
कि निराश होने के लिए
मुझे अपने हर भरोसे के पंख मरोड़कर
उन्हें अपाहिज बनाना होगा!
करना होगा क़ैद
जो मैं कर नहीं पाऊँगी
हैरानी! मैं ऐसा सोच भी पाई
अपनी इस सोच पर बीती रात घंटों सोचा
ख़ुद पर लानतें फेंकीं
कोसा ख़ुद को
मन ग्लानि से भर उठा
आँखों के कोने भीगते गए
और फिर इकठ्ठा किया अपना सारा प्यार
उनके पंखों को सहलाया
हर एक भरोसे को पुचकारा
उनके सतरंगे पंखों को
आज़ादी के एहसास से भरते देखा
सुबह तक वे एक लंबी उड़ान पर निकल चुके थे
उनकी अनुपस्थिति में
मैं निराश!
पर जान पा रही थी कि शाम तक वे लौट आएँगे
यह वह भरोसा है
जिसके पंख अभी उगने बाक़ी हैं
जो अभी ही है जन्मा!
Je ajh asi tutte aa kal tu v tutte ga
judheya tae v ni rehna
jehde pichhe mera dil todheyaa e
kal ohne v tere injh ee todhna e
eh koi meri bd-duaa nahi
duniya-daari di fitrat ee eho e
ਜੇ ਅੱਜ ਅਸੀਂ ਟੁਟੇ ਆ ਕੱਲ ਤੂੰ ਵੀ ਟੁੱਟੇ ਗਾ,
ਜੁੜਿਆ ਤੈਂ ਵੀ ਨੀ ਰਿਹਣਾ,
ਜਿਹਦੇ ਪਿਛੇ ਮੇਰਾ 💔 ਦਿਲ ਤੋੜਿਆ ਏ,
ਕੱਲ ਉਹਨੇ ਵੀ ਤੇਰੇ ਇਂਝ ਇ ਤੋੜਨਾ ਏ,
ਇਹ ਕੋਈ ਮੇਰੀ ਬਦਦੂਆ ਨਹੀਂ,
ਦੁਨੀਆਦਾਰੀ ਦੀ ਫਿਤਰਤ ਇ ਇਹੋ ਏ ।