Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
हम करेंगे तो तेरी बदनामी होगी
गलत सोच लिया की मुझसे तेरी गुलामी होगी
अच्छे लोगों की भी कर जाते हैं
बुरे लोगों की भी कर जाते हैं
पर यार तेरी नहीं मुझसे सलामी होगी
छोड़कर रकीब का हाथ
पकड़ सकती हो तुम अजीब का हाथ
तुझे कौन सा यार बेशर्मी होगी
हम नही कर सकते कुछ भी
हमरे लाए तो बात ये यार हरामी होगी🙃
Pehla taa dujeya ch hi uljhe rehnde c asi..
Lgda e ajjkl khud naal mulaqat ho rhi e.
ਪਹਿਲਾਂ ਤਾਂ ਦੂਜਿਆਂ ‘ਚ ਉਲਝੇ ਰਹਿੰਦੇ ਸੀ ਅਸੀਂ
ਇੰਝ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਅੱਜਕਲ ਖੁਦ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ