बेखौफ दिल लेकर,
बेपर्दा घूमने का शौंक रखते हैं,
उन्हे इश्क़ की क्या ज़रूरत,
जो सूरत खूबसूरत रखते हैं...
बेखौफ दिल लेकर,
बेपर्दा घूमने का शौंक रखते हैं,
उन्हे इश्क़ की क्या ज़रूरत,
जो सूरत खूबसूरत रखते हैं...
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना
मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था!
Sikha diya duniya ne mujhe apno par bhi shak karna
Meri fitrat mein to gairon par bhi bharosa karna tha!
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।