बेखौफ दिल लेकर,
बेपर्दा घूमने का शौंक रखते हैं,
उन्हे इश्क़ की क्या ज़रूरत,
जो सूरत खूबसूरत रखते हैं...
बेखौफ दिल लेकर,
बेपर्दा घूमने का शौंक रखते हैं,
उन्हे इश्क़ की क्या ज़रूरत,
जो सूरत खूबसूरत रखते हैं...
“तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है I
बिना बात हसाती है, रुलाती है I
बड़े -बड़े ख्याब दिखलाती है I
क्योंकि, तन्हाई में भी है बहुत सी अच्छाई I
अपने आप से मिलबाती है I
ज़िंदगी जीने का तरीका सिखलाती है I
आपनो की याद दिलाती है I
बातें जो दफ़न हो गई है यादों की कब्र में उस से मिलबाती है I
क्योंकि, तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है I
ख्यालों के मजधार में डुबोती है I
खुद पर भरोसा करना सिखलाती है I
क्योकि तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है I”
तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।