मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Enjoy Every Movement of life!
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
#rooh nu samjhna vi bda jaruri ae_
_sohneya_
sirf hath fd lena hi #sath nhi hunda_
ਰੱਬ ਨੇਂ ਅੱਜ ਫੇਰ ਪੁੱਛ ਲਿਆ ਕਿ ਤੇਰਾ ਚਿਹਰਾ ਉਦਾਸ ਕਿਉਂ ਹੈ,
ਜਿਸ ਕੋਲ ਤੇਰੇ ਲਈ Time ਨਹੀਂ ਉਹ ਤੇਰੇ ਲਈ ਖਾਸ ਕਿਉਂ ਹੈ?
rabb ne ajj fer puchh lyaa ke tera chehra udaas kyu hai
jis kol tere lai time nahi oh tere lai khaas kyu hai?