मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Enjoy Every Movement of life!
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Naina chon nikal paaniyaan ne kataaran bna layiyaan
jadon tere muhon alvida de aakhri bol nikle
ਨੈਣਾਂ ਚੋਂ ਨਿਕਲ ਪਾਣੀਆਂ ਨੇ ਕਤਾਰਾਂ ਬਣਾ ਲਈਆਂ
ਜਦੋਂ ਤੇਰੇ ਮੂੰਹੋਂ ਅਲਵਿਦਾ ਦੇ ਆਖਰੀ ਬੋਲ ਨਿਕਲੇ

Badha takeya naina ne, mainu hor koi jacheya hi na
sara tainu hi de dita
pyar kise hor lai bacheya hi na