मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Sanu na sikhawi kise naal milan de salike🙏
Pyar howe ja nafrat
Badi shiddat naal karde haan asi😎..!!
ਸਾਨੂੰ ਨਾ ਸਿਖਾਵੀਂ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਮਿਲਣ ਦੇ ਸਲੀਕੇ🙏
ਪਿਆਰ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਨਫ਼ਰਤ
ਬੜੀ ਸ਼ਿੱਦਤ ਨਾਲ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਅਸੀਂ😎..!!
mainne insaan kee vafa par yakeen karana chhod diya hai,
jab kismat badal sakatee hai to ye mittee ke insaan kyon nahin…
मैंने इंसान की वफ़ा पर यकीन करना छोड़ दिया है,
जब किस्मत बदल सकती है तो ये मिट्टी के इंसान क्यों नहीं…