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मुठ्ठी भर ज़मीन में || Kisan shayari || farmer hindi shayari

मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...

Title: मुठ्ठी भर ज़मीन में || Kisan shayari || farmer hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mehnat || hindi poetry || मेहनत करो आज तुम

मेहनत करो आज तुम 
कल मीठा फल मिलेगा
दुःख होंगे जरूर आज
पर कल खुशियाँ भी होंगी |
 
गरीब हो अगर आज तुम 
कल अमीर बन जाओगे
आज अगर मेहनत कर
समय के साथ कदम  बढ़ाओ|
 
प्यासे हो अगर तुम तो
न कोई तुम्हे पानी पिलाएगा 
भूखे हो अगर तुम तो
न कोई तुम्हे खाना खिलाएगा |
 
जो करना बस  तुम्हे
अपने दम्पर करना है 
आगे बढ़ना है तो 
कठिन परिश्रम करना है|
 
अपने लक्ष्य को पहचान कर
लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाओ 
मेहनत करते रहो दिन – रात
हिम्मत न कभी हारो |
 
अपनी मंजिल तक एक दिन तुम
अपनी मेहनत के दमपर पहुँचोगे
खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी तब 
ओर तुम मेहनत का उदाहरण बन जाओगे|

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत करो आज तुम


Jeevan me weh tha || जो बीत गई

जीवन में वह था एक कुसुम,
थे उस पर नित्य निछावर तुम,
वह सूख गया तो सूख गया;
मधुवन की छाती को देखो,
सूखीं कितनी इसकी कलियाँ,
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ जो
मुरझाईं फिर कहाँ खिलीं;
पर बोलो सूखे फूलों पर
 कब मधुवन शोर मचाता है;
जो बीत गई सो बात गई!

जीवन में मधु का प्याला था,
तुमने तन-मन दे डाला था,
वह टूट गया तो टूट गया;
मदिरालय का आँगन देखो,
कितने प्याले हिल जाते हैं,
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं,
जो गिरते हैं कब उठते हैं;
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है!
जो बीत गई सो बात गई!     

मृदु मिट्टी के हैं बने हुए,
मधुघट फूटा ही करते हैं,
लघु जीवन लेकर आए हैं,
प्याले टूटा ही करते हैं,
फिर भी मदिरालय के अंदर
मधु के घट हैं, मधुप्याले हैं,
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं;
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट-प्यालों पर,
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है, चिल्लाता है!
जो बीत गई सो बात गई!

 

Title: Jeevan me weh tha || जो बीत गई