मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Enjoy Every Movement of life!
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Mere saahan de vich sajjna
Tere saahan di khusboo hai😍..!!
Tere bgair ki jiona
Mere rom rom vich tu hai♥..!!
ਮੇਰੇ ਸਾਹਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸੱਜਣਾ
ਤੇਰੇ ਸਾਹਾਂ ਦੀ ਖੁਸ਼ਬੂ ਹੈ😍..!!
ਤੇਰੇ ਬਗੈਰ ਕੀ ਜਿਉਣਾ
ਮੇਰੇ ਰੋਮ ਰੋਮ ਵਿੱਚ ਤੂੰ ਹੈ♥..!!
