मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Tumari sanso ke sahare tumhare dil mein utar jau🌼
Mein vo jakham hu harsh ke tumhare chue hi bhar jau..❤
तुम्हारी सांसो के सहारे तुम्हारे दिल मे उतर जाऊं🌼
मै वो जख्म हूँ हर्ष कि तुम्हारे छुए ही भर जाऊं..❤
Dil di kahdi sun layi c
Seene te lazmi c fatt hona..!!
Gall enni Jada vadh gayi c
Ke piche nhi c hatt hona..!!
ਦਿਲ ਦੀ ਕਾਹਦੀ ਸੁਣ ਲਈ ਸੀ
ਸੀਨੇ ‘ਤੇ ਲਾਜ਼ਮੀ ਸੀ ਫੱਟ ਹੋਣਾ..!!
ਗੱਲ ਇੰਨੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵੱਧ ਗਈ ਸੀ
ਕਿ ਪਿੱਛੇ ਨਹੀਂ ਸੀ ਹੱਟ ਹੋਣਾ..!!