मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Enjoy Every Movement of life!
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Tainu bhulan di koshish karanga me
ho sake tan tu v thodi koshish kari
meri yaadan vich na aaun di
ਤੈਨੂੰ ਭੁਲਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗਾ ਮੈਂ
ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ ਤੂੰ ਵੀ ਥੋੜੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੀ
ਮੇਰੀ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾ ਆਉਣ ਦੀ
