मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Enjoy Every Movement of life!
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Kade tamanna c tainu paun di
ajh v tamanna e
par tainu bhulaun di
ਕਦੇ ਤਮੰਨਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ
ਅੱਜ ਵੀ ਤਮੰਨਾ ਏ
ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਭੁਲਾਉਣ ਦੀ
“A million words would not bring you back, i know because i tried,”
“Neither would a billion tears, i know because i cried.”