मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Lagda e bina pra ton udauna e menu..!!
Shreaam paglan vang nachauna e menu..!!
Smjh nhi aundi dil vsso bahar kive ho gya
Haye tere ishq ne marwauna e menu..!!
ਲਗਦਾ ਏ ਬਿਨਾਂ ਪਰਾਂ ਤੋਂ ਉਡਾਉਣਾ ਏ ਮੈਨੂੰ..!!
ਸ਼ਰੇਆਮ ਪਾਗਲਾਂ ਵਾਂਗ ਨਚਾਉਣਾ ਏ ਮੈਨੂੰ..!!
ਸਮਝ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਦਿਲ ਵੱਸੋਂ ਬਾਹਰ ਕਿਵੇਂ ਹੋ ਗਿਆ
ਹਾਏ ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਨੇ ਮਰਵਾਉਣਾ ਏ ਮੈਨੂੰ..!!
Nigahein mili tumse
Jaise chand aur doobta suraj🙈
निगाहें मिली तुमसे
जैसे चाँद और डूबता सूरज🙈