मेरी ज़िन्दगी में तुम शामिल हो एसे,
मंदिर के दरवाजे पर मन्नत के धागे हो जैसे..!❤️
मेरी ज़िन्दगी में तुम शामिल हो एसे,
मंदिर के दरवाजे पर मन्नत के धागे हो जैसे..!❤️
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|
Har tanha raat mein ek naam yaad aata hai,
Kabhi subah kabhi shaam yaad aata hai,
Jab sochte hain kar lein dobara mohobbat,
Fir pehli mohobbat ka anzaam yaad aata hai..
हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है।