मेरे दिल पर तून्हे कैसा तीर चलाया,
हो गये टुकड़े दिल के,
कैसी वेवफाई का सिला दिखाया।
Enjoy Every Movement of life!
मेरे दिल पर तून्हे कैसा तीर चलाया,
हो गये टुकड़े दिल के,
कैसी वेवफाई का सिला दिखाया।
कभी ना कभी तो उनकी आँखों में मेरा अक्स दिखा देगा..
जो उन्हें आज भी बेताहाशा चाहता है, वो शक्श दिखा देगा..
जब जमाने ने ठुकरा दिया उनको, तब अपनी नजरों में पनाह दी थी..
फिर से जब जमाना उन्हें ना-गवार होगा, तब दोबारा मेरी ओर उन्हें लक्ष दिखेगा..
Manzil mil hi jaayegi, Bhatakte hue hi sahi,
Gumraah to wo hain, jo ghar se nikle hi nahi✌
मंज़िल मिल ही जाएगी, भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो लोग हैं, जो घर से निकले ही नही✌