सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।🥺
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।🥺
Jb jyada apno se riste tutne lge na to
Samjh jana ki tumhari kamyabi tumhara intazar kr rhi hai✌️
जब ज्यादा अपनो से रिश्ते टूटने लगे न तो
समझ जाना की तुम्हारी कामयाबी तुम्हारा इंतज़ार कर रही है ✌️
किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂