समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
Neend tooti jaise
tutta koi sapna hi tha
jise chaha hamne is kadar
dil tidha usi ne
dil tidhne wala koi aur nahi balki apna hi to tha
नींद टूटी जैसे
टूटा कोई सपना ही था ………
जिसे चाहा हमने इस कदर
दिल तोड़ा उसी ने
दिल तोड़ने वाला कोई और नहीं बल्कि अपना ही तो था
Kuch aashiq bhi duniya ch jhalle ne …
kuch duniya walo kle ne…
duniya sath nhi dendi eena da…
ee kle hi iss raah te chle ne…?”