समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
Enjoy Every Movement of life!
समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
HAMARE MUTABAADIL KI TALAASH HAIN UNHE
HUM SHAKAL TO MIL JAAYE UNHE LEKIN HUM SEERAT NA HO
ہمارے متبادل کی تلاش ہیں انھیں
ہم شکل تو لم جائیں انھیں ہم سیرت نہ ہو
तेरे घर का पता मालूम है
पर हम वहा कभी नही जाते है
तेरी याद जब भी बोहोत ज्यादा आए
तेरे गांव से तेरी खुशबू ले आते है