“अक्सर हमें प्यार होने के बाद ही उस शख्स की यादें सताती है.
प्यार न हो तो वो कितना ही प्यारा क्यों न हो वो हमें कभी याद नही आता..”!
Enjoy Every Movement of life!
“अक्सर हमें प्यार होने के बाद ही उस शख्स की यादें सताती है.
प्यार न हो तो वो कितना ही प्यारा क्यों न हो वो हमें कभी याद नही आता..”!
kinaare par tairane vaalee laash ko dekhakar ye samajh aaya,
bojh shareer ka nahee saanson ka tha…
किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया,
बोझ शरीर का नही साँसों का था…
Matlabi zamana hai nafarton ka shehar hai
ye duniya dikhti shehad hai or pilati zehar hai💯
मतलबी ज़माना है नफरतों का शहर है
ये दुनिया दिखती शहद है और पिलाती ज़हर है💯