वो चले गए हमसे मुस्कुराने का वादा लेकर, और लोग समझते हैं कि हम पत्थर दिल हैं, केसे बताएं सबको यारो आज भी हमें उनसे प्यार बहुत है
वो चले गए हमसे मुस्कुराने का वादा लेकर, और लोग समझते हैं कि हम पत्थर दिल हैं, केसे बताएं सबको यारो आज भी हमें उनसे प्यार बहुत है
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।
khabaradaar dubaara mohabbat na karana,
jaruree nahin har baar khudakushee kee koshish karake jinda bach jaoge..
ख़बरदार दुबारा मोहब्बत न करना,
जरुरी नहीं हर बार खुदकुशी की कोशिश करके जिन्दा बच जाओगे..