एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
Sirf shabdon se na karna, kisi ke vajood ki pehchaan
Har koi utna keh nhi pata, jitna samjhta aur mehsus karta hai 💯
सिर्फ शब्दों से न करना, किसी के वजूद की पहचान
हर कोई, उतना कह नहीं पाता,जितना समझता और महसूस करता है।💯
हम अपना दर्द 😔 किसी को कहते नही,
वो सोचते हैं की हम तन्हाई सहते नही,
आँखों से आँसू 😭😭निकले भी तो कैसे,
क्योकि सूखे हुवे दरिया कभी बहते नही… 😭😭😭
ham apana dard kisee ko kahate nahee,
vo sochate hain kee ham tanhaee sahate nahee,
aankhon se aansoo nikale bhee to kaise,
kyoki sookhe huve dariya kabhee bahate nahee…