मुझे तेरी चाहत है,
मुझे तू चाहिए,
चाहिए उम्र भर कर साथ ,
तेरा ऐतवार चाहिए।
मुझे तेरी चाहत है,
मुझे तू चाहिए,
चाहिए उम्र भर कर साथ ,
तेरा ऐतवार चाहिए।
Poore baal baah ke
Do latkan chaddi si
Tahi ta bakia to v
Alag mainu jachdi si
Tahi ta mana krde si ohnu
Eh latkan aida na chaddeya kr
Phir dobara mohabbat ho jani
Enni sohni bann ke na tureya kr
ਪੂਰੇ ਬਾਲ੍ ਵਾਹ ਕੇ
ਦੋ ਲਟਕਨ੍ ਕੱਲੇ ਛਡਦੀ ਸੀ
ਤਾਂਹੀ ਤਾਂ ਭੀੜ ਵਿਚ੍ ਮੈਨੂੰ
ਉਹ ਪਰੀਆਂ ਵਰ੍ਗਿ ਲੱਗਦੀ ਸੀ
ਤਾਂਹੀ ਤਾ ਮਨਾ ਕਰਦੇ ਸੀ ਉਹਨੂੰ
ਕੇਸ਼ ਈਦਾ ਨਾ ਰੱਖਿਆ ਕਰ.
ਫਿਰ ਦੋਬਾਰਾ ਮੁਹੱਬਤ ਹੋ ਜਾਣੀ
ਇਨ੍ਹੀਂ ਸੋਹਣੀ ਬਣ ਕੇ ਨਾ ਤੁਰਿਆ ਕਰ
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”