Jithe kadar na howe
othe rehna fazool hai
fir chahe oh kise da ghar howe
chahe kise da dil howe
ਜਿੱਥੇ ਕਦਰ ਨਾ ਹੋਵੇ,
ਉੱਥੇ ਰਹਿਣਾ ਫਜ਼ੂਲ ਹੈ।
ਫਿਰ ਚਾਹੇ ਉਹ ਕਿਸੇ ਦਾ ਘਰ ਹੋਵੇ,
ਚਾਹੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਦਿਲ ਹੋਵੇ।।
Jithe kadar na howe
othe rehna fazool hai
fir chahe oh kise da ghar howe
chahe kise da dil howe
ਜਿੱਥੇ ਕਦਰ ਨਾ ਹੋਵੇ,
ਉੱਥੇ ਰਹਿਣਾ ਫਜ਼ੂਲ ਹੈ।
ਫਿਰ ਚਾਹੇ ਉਹ ਕਿਸੇ ਦਾ ਘਰ ਹੋਵੇ,
ਚਾਹੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਦਿਲ ਹੋਵੇ।।
Some People can only be in your heart❤️
But can’t be in your life…😌
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है