
saadhe wal mukhda modh

ਕਿਸੇ ਦੀ ਲੋੜ ਨੀ ਮੈਨੂੰ
ਏਨਾ ਜਾਣ ਲਿਆ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ
ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਰੂਹ ਜਿਸਮ ਵਿੱਚ ਹੈ
ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਯਾਦ ਤੇਰੀ ਆ
kisse di lodh ni mainu
enna jaan liya me tainu
jadon tak rooh jism vich hai
udon tak yaad teri hai
है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….