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Hun koi darr nahi || punjabi shayari

hun koi darr nahi je lutte v jaye
kujh farak nahi painda je hun tutt v jaye
akhaa vich hanju chehre te haasa saade
umeed bas aini hai bas yaar samajh jaye

ਹੁਣ ਕੋਈ ਡਰ ਨਹੀਂ ਜੇ ਲੁਟੇ ਵੀ ਜਾਏਂ
ਕੁਝ ਫ਼ਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਜੇ ਹੁਣ ਟੁੱਟ ਵੀ ਜਾਏਂ
ਅਖਾਂ ਵਿਚ ਹੰਜੂ ਚੇਹਰੇ ਤੇ ਹਾਸਾ ਸਾਡੇ
ਉਮਿਦ ਬਸ ਏਨੀ ਹੈ ਬੱਸ ਯਾਰ ਸਮਝ ਜਾਏਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Hun koi darr nahi || punjabi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Life Poem: गमों में भी मुस्कुराना सीखिये

परवाह नहीं चाहें कहता रहें कोई भी हमें पागल दिवाना
हम क्यू बताए किसी कों के हम ज़ानते हैं गमो में भी मुस्कराना
 
ज़ान तक अपनीं लुटानी पड़ती हैं इश्क़ मे
ऐसें हीं नहीं लिख़ा ज़ाता मोहब्बत का अफ़साना
 
क़िसी लाश के पास खडी होती हैं सांस लेती लाशे
मुर्दां कौंन हैं,समझ़ ज़ाओ तो मुझ़े भी समझ़ाना
 
टाल मटोंल चल ज़ाती हैं अपने ज़रूरी कामो मे
पर मौंत सुनतीं नहीं किसी का कोईं भी ब़हाना
 
नूर ना हों ज़ाए एक़ एक़ बून्द अश्क की तो क़हना
कभीं मां बाप की ख़ातिर चन्द आंसू तो ब़रसाना
 
ज़ब किस्मत साथ नहीं देती दिल सें आदमी क़ा
तो मुश्कि़ल हो ज़ाता हैं दो वक्त क़ी रोटी भीं कमाना
 
जिन्दगीं मे बहुत ज्यादा ज़रूरी हैं ये सीख़ना
क्या क्या राज़ हैं हमे,अपनी रूह मे छिपाना
 
कितनें हम गलत हैं और क़ितने हैं हम सहीं
सुन लेना कभीं चुपकें से,बाते क़रता है ख़ुलेआम ये ज़माना
 
हर गलती माफ क़र देता हैं ऊपरवाला दयालु भगवान्
पर गलतीं से भी कभीं ना तुम क़िसी गरीब को रुलाना
 
गए वक्त नहीं हैं हम ज़ो लौट क़र ना आ सके

वक्तें-ज़रूरत ए दोस्त कभीं तुम नीरज़ को आज़माना

Title: Life Poem: गमों में भी मुस्कुराना सीखिये


Ajh raat bhar raat ka || dard shayari

मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं

आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं

आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ

तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं

ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना

अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं

Title: Ajh raat bhar raat ka || dard shayari