वक़्त होकर भी मुझे वक़्त ना देना, तेरी आदत सी हो गई है.. मगर तेरे वक़्त का इंतज़ार करना, मेरी इबादत सी हो गई है.. सेहमे हुए होठों से ये पूछने को दिल तो करता है.... क्या तेरे प्यार की इस जंग में मेरी, शहादत सी हो गई है..
वक़्त होकर भी मुझे वक़्त ना देना, तेरी आदत सी हो गई है.. मगर तेरे वक़्त का इंतज़ार करना, मेरी इबादत सी हो गई है.. सेहमे हुए होठों से ये पूछने को दिल तो करता है.... क्या तेरे प्यार की इस जंग में मेरी, शहादत सी हो गई है..
Laakh samjhaeya usko ke duniyaa shak karti hai
magar uski aadat nahi gai muskura kar guzarne ki
लाख समझाया उसको कि दुनिया शक करती है
मगर उसकी आदत नहीं गई मुस्कुरा कर गुजरने की
तुम्हारा शुक्रिया मेरी जिंदगी में आने के लिए, मेरी जिंदगी को जिंदगी बनाने के लिए कर्जदार रहेंगे हम तुम्हारे जन्मों जनम, तुम्हारा शुक्रिया मेरे प्यार को इतने प्यार से निभाने के लिए