Oh hassda e ta rooh v Khili rehndi e
Oh Udaas howe ta meri jaan nikaldi e..!!
ਉਹ ਹੱਸਦਾ ਏ ਤਾਂ ਰੂਹ ਖਿਲੀ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਉਹ ਉਦਾਸ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਮੇਰੀ ਜਾਨ ਨਿਕਲਦੀ ਏ..!!
Oh hassda e ta rooh v Khili rehndi e
Oh Udaas howe ta meri jaan nikaldi e..!!
ਉਹ ਹੱਸਦਾ ਏ ਤਾਂ ਰੂਹ ਖਿਲੀ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਉਹ ਉਦਾਸ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਮੇਰੀ ਜਾਨ ਨਿਕਲਦੀ ਏ..!!
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Alfazo ko padhta hai vo mere jazbaton ko kaha samjhata hai
Sirf baat karta hai mohobbat se kambakhat mujhse mohobbat kaha karta hai💯
अल्फाजों को पढ़ता है वो मेरे जज्बातों को कहां समझता है
सिर्फ बात करता है मोहब्बत से कमबख्त मुझसे मोहब्बत कहां करता हे।💯