कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
Enjoy Every Movement of life!
कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
Apni izzat ke khatir to marte sabhi hain
Aabroo auron ka bhi dhako to ascha rahega
Zubaan se hi byan ho har baat, kisne kaha hai
Khamosh nazro ko bhi padho to ascha rahega💯
अपनी इज़्ज़त के ख़ातिर तो मरते सभी हैं,
आबरू औरों का भी ढको तो अच्छा रहेगा।
ज़ुबाँ से ही बयाँ हो हर बात, किसने कहा है,
ख़ामोश नज़रों को भी पढ़ो तो अच्छा रहेगा।💯