ਤੂ ਦਰੀਆਓੁ ਦਾਨਾ ਬੀਨਾ ਮੈ ਮਛੁਲੀ ਕੈਸੇ ਅੰਤੁ ਲਹਾ ~
You are the River, All-knowing and All-seeing. I am just a fish-how can I find Your limit?
ਤੂ ਦਰੀਆਓੁ ਦਾਨਾ ਬੀਨਾ ਮੈ ਮਛੁਲੀ ਕੈਸੇ ਅੰਤੁ ਲਹਾ ~
You are the River, All-knowing and All-seeing. I am just a fish-how can I find Your limit?
में तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
में जवाब बनता अगर तू सवाल होती
सब जानते है में नशा नहीं करता
मगर में पी लेता अगर तू शराब होती
Mein tod leta agar tu Gulab hoti
Mein jabaab deta agar tu Sawal hoti
Sab jante hai mein Nasha nahi karta
Magar mein pii leta agar tu Sharab hoti…
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी