ਤੂ ਦਰੀਆਓੁ ਦਾਨਾ ਬੀਨਾ ਮੈ ਮਛੁਲੀ ਕੈਸੇ ਅੰਤੁ ਲਹਾ ~
You are the River, All-knowing and All-seeing. I am just a fish-how can I find Your limit?
ਤੂ ਦਰੀਆਓੁ ਦਾਨਾ ਬੀਨਾ ਮੈ ਮਛੁਲੀ ਕੈਸੇ ਅੰਤੁ ਲਹਾ ~
You are the River, All-knowing and All-seeing. I am just a fish-how can I find Your limit?
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम
Ohde deedar ton vanjhe hon ton Dari naal
Ki fark peya ohnu teri akh bhari naal..!!
ਓਹਦੇ ਦੀਦਾਰ ਤੋਂ ਵਾਂਝੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਡਰੀ ਨਾਲ
ਕੀ ਫ਼ਰਕ ਪਿਆ ਓਹਨੂੰ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਭਰੀ ਨਾਲ..!!