बहुत गहरे जख्म हैं हमारे,
अपने जख्मों पर हम रोज मरहम लगाते हैं,
अंदर से टूट गए हैं हम पूरी तरह,
लोगों को अपना हाल अच्छा बताते हैं।
Enjoy Every Movement of life!
बहुत गहरे जख्म हैं हमारे,
अपने जख्मों पर हम रोज मरहम लगाते हैं,
अंदर से टूट गए हैं हम पूरी तरह,
लोगों को अपना हाल अच्छा बताते हैं।
Hum samandar hain humein khamosh rehne do
Zra machal gye to shehar le doobenge 🫠
हम समंदर है हमें खामोश रहने दो
जरा मचल गए तो शहर ले डूबेंगे🫠
छुपा तो यही है
तुमसे ढूंढा नही जा रहा तो बताओ
मोहब्बत सच्ची है या झूठी छोड़ो ना
तुम्हे मज़ा नही आ रहा तो बताओ