
Nasibaan diyaan barshiyaan kujh injh ho rahiyaan ne ke
khawahishaan dubdiyaan rahiyaan
te palkaan bhijdiyaan rahiyaan

Nasibaan diyaan barshiyaan kujh injh ho rahiyaan ne ke
khawahishaan dubdiyaan rahiyaan
te palkaan bhijdiyaan rahiyaan
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
ਮੈਂ ਸ਼ਾਹ ਮੇਰੇ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਜੇ ਲਿਖ ਦੇਆਂ
ਤੈਨੂੰ ਕ਼ਦਰ ਓਹਦੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਹੋਣੀਂ ਨੀਂ
ਮੈਂ ਵੱਖ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਮੈਂ ਸਿੱਖੀ ਏਂ ਵਫ਼ਾ ਮੁਹੱਬਤ ਵਿੱਚ
ਤੂੰ ਖਾਵੇਂ ਕਸਮਾਂ ਤੇਥੋਂ ਵਫ਼ਾ ਤਾਵੀ ਹੋਣੀਂ ਨੀਂ
ਹਰ ਇੱਕ ਸ਼ਾਹ ਤੇ ਲਿਆਂ ਨਾਂ ਤੇਰਾ ਮੈਂ
ਛੱਡ ਦਉ ਕਲ਼ਮ ਓਹਦੋਂ ਸ਼ਾਇਰੀ ਵਿੱਚ ਜੇ ਲਉ ਨਾਂ ਤੇਰਾ ਮੈਂ