
Sahiba di bi ajj sun k ru roo gyi
Mirza te aaj vi jinde ne bss
Sahiba hi kho gyii.

रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃
Na jaane tere ankhon me wo baat thi,
Ya tere baaton me wo baat thi,
Par bohoot khubsurat wo raat thi,
Jab tum mere saath thi