Bahut gumnaam hai chaht ke raaste
tu bhi laapata me bhi laapta
tu bhi laapata me bhi laapta
बहुत गुमनाम है चाहत के रास्ते
तू भी लापता मैं भी लापता
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....
Yeh mumkin toh nahi…
Ki marke bhi ishq kiya jaye…😊
Par jab tak hai tere saath hai…
Tab tak toh khush hoke jiya jaye…❤️
ये मुमकिन तो नहीं…
कि मर के भी जीया जाए…😊
पर जब तक है तेरे साथ हैं…
तब तक तो खुश हो के जीया जाए…❤️