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Aagg ko bujha deta hai krodh || 2 lines shayari hindi

आग को बुझा देता है क्रोध ।

आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।

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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।

अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।

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जबाब हर बात पे मत दो।

सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।

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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।

जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।

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रिश्ते आसमान की रूप।

आज बारिश, कल धूप।

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बात लहर की तरह।

जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।

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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।

घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।

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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।

समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।

Title: Aagg ko bujha deta hai krodh || 2 lines shayari hindi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Shayar bna chali aa || Kalam || Love and sad punjabi poetry

Satt dil te dhoongi badhi vaji aa
ni jo shayar bna chali aa

kalam chakni nahi c
aah tutti yaari teri chakwa chali aa

oh bol mere hanjuaa wangu kapi ute dige aa
oh sehaj ne likhne nahi c
oh tu aap likhwa chali aa

sat dil te dhoongi badhi vajhi aa
ni jo shayar bna chali aa
ni jo shayar bna chali aa

ਸਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਬੜੀ ਵਜੀ ਆ …
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…

ਕਲਮ ਚਕਣੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਆਹ ਟੁੱਟੀ ਯਾਰੀ ਤੇਰੀ ਚਕਵਾ ਚਲੀ ਆ…

ਉਹ ਬੋਲ ਮੇਰੇ ਹੰਜੂਆ ਵਾਂਗੂ ਕਾਪੀ ਉਤੇ ਡਿੱਗੇ ਆ
ਉਹ ਸਹਿਜ ਨੇ ਲਿਖਣਾ ਨਹੀਂ ਸੀ…
ਉਹ ਤੂ ਆਪ ਲਿਖਵਾ ਚਲੀ ਆ…

ਸਟ ਦਿਲ ਤੇ ਡੂੰਗੀ ਬੜੀ ਵਜੀ ਆ
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
ਨੀ ਜੋ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਚਲੀ ਆ…
-ਸਹਿਜ✍️

Title: Shayar bna chali aa || Kalam || Love and sad punjabi poetry


आगरा कौन सा रास्ता जाता है || akbar story

अकबर को शिकार का बहुत शौक था। वे किसी भी तरह शिकार के लिए समय निकल ही लेते थे। बाद में वे अपने समय के बहुत ही अच्छे घुड़सवार और शिकारी भी कहलाये। एक बार राजा अकबर शिकार के लिए निकले, घोडे पर सरपट दौड़ते हुए उन्हें पता ही नहीं चला और केवल कुछ सिपाहियों को छोड़ कर बाकी सेना पीछे रह गई। शाम घिर आई थी, सभी भूखे और प्यासे थे, और समझ गए थे कि वो रास्ता भटक गए हैं। राजा को समझ नहीं आ रहा था की वह किस तरफ़ जाएं।

कुछ दूर जाने पर उन्हें एक तिराहा नज़र आया। राजा बहुत खुश हुए चलो अब तो किसी तरह वे अपनी राजधानी पहुँच ही जायेंगे। लेकिन जाएं तो जायें किस तरफ़। राजा उलझन में थे। वे सभी सोच में थे किंतु कोई युक्ति नहीं सूझ रही थी। तभी उन्होंने देखा कि एक लड़का उन्हें सड़क के किनारे खड़ा-खडा घूर रहा है। सैनिकों ने यह देखा तो उसे पकड़ कर राजा के सामने पेश किया। राजा ने कड़कती आवाज़ में पूछा, “ऐ लड़के, आगरा के लिए कौन सी सड़क जाती है”? लड़का मुस्कुराया और कहा, “जनाब, ये सड़क चल नहीं सकती तो ये आगरा कैसे जायेगी”। महाराज जाना तो आपको ही पड़ेगा और यह कहकर वह खिलखिलाकर हंस पड़ा।
सभी सैनिक मौन खड़े थे, वे राजा के गुस्से से वाकिफ थे। लड़का फ़िर बोला, “जनाब, लोग चलते हैं, रास्ते नहीं।”
यह सुनकर इस बार राजा मुस्कुराया और कहा, “नहीं, तुम ठीक कह रहे हो। तुम्हारा नाम क्या है”, अकबर ने पूछा।
“मेरा नाम महेश दास है महाराज”, लड़के ने उत्तर दिया, और आप कौन हैं ?

अकबर ने अपनी अंगूठी निकाल कर महेश दास को देते हुए कहा, “तुम महाराजा अकबर – हिंदुस्तान के सम्राट से बात कर रहे हो”, मुझे निडर लोग पसंद हैं। तुम मेरे दरबार में आना और मुझे ये अंगूठी दिखाना। ये अंगूठी देख कर मैं तुम्हें पहचान लूंगा। अब तुम मुझे बताओ कि मैं किस रास्ते पर चलूँ ताकि मैं आगरा पहुँच जाऊं।
महेश दास ने सिर झुका कर आगरा का रास्ता बताया और जाते हुए हिंदुस्तान के सम्राट को देखता रहा।
इस तरह अकबर भविष्य के बीरबल से मिले।

Title: आगरा कौन सा रास्ता जाता है || akbar story