उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
Enjoy Every Movement of life!
उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..

ਇਕੱਲਾ ਰਹਿਣਾ ਤਾਂ ਸਿੱਖ ਲਿਆ ਮੈ
ਪਰ ਕਦੀ ਖੁਸ਼ ਨਾ ਰਹਿ ਪਾਵਾਂਗਾ
ਤੇਰੀ ਦੂਰੀ ਨਾ ਸਹਿ ਪਾਵਾਂਗਾ
ekala rehna tan sikh liyaa me
par kadi khush na reh pawanga
teri doori na seh pawanga