उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
Chup reh kar bhi kya shor hai
Kuch gaur ispe kijiye..!!
Lafzon mein kya rakha hai sahib
Khamoshiyon ko sun lijiye..!!
चुप रह कर भी क्या शोर है
कुछ गौर इसपे कीजिए..!!
लफ़्ज़ों में क्या रखा है साहिब
खामोशियों को सुन लीजिए..!!
दिल का हाल चेहरे पर बयान कर दे, आंखें ऐसी होती हैं..
जिसे देखने को तरसती हैं, उसी को देख के रोती हैं..
प्यार हो अगर किसी से, तो थकने पर भी ना सोती हैं..
अपनी होकर भी किसी ओर के लिए रोदे, ये आंखें कितनी बेवफा होती हैं.❤️