उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
Kol aawi na aawi bas rooh nu jachda rahi
Dil vich vassda rahi te bullan te hassda rahi..!!
ਕੋਲ ਆਵੀਂ ਨਾ ਆਵੀਂ ਬੱਸ ਰੂਹ ਨੂੰ ਜੱਚਦਾ ਰਹੀਂ
ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਵੱਸਦਾ ਰਹੀਂ ਤੇ ਬੁੱਲ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਹੱਸਦਾ ਰਹੀਂ..!!