खुदा ने भले हमे बहुत कुछ नही दिया पर आपको पाकर तो कोई शिकवा ही ना रहा💞😍
Khuda ne bhale hume bahut kuch nhi diya par aapko pakar to koi shikva hi na rha💞😍
खुदा ने भले हमे बहुत कुछ नही दिया पर आपको पाकर तो कोई शिकवा ही ना रहा💞😍
Khuda ne bhale hume bahut kuch nhi diya par aapko pakar to koi shikva hi na rha💞😍
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Kujh panne ki fatte zindagi di kitaab de,
lokaan ne samjheyaa saadha daur khatam ho gya
ਕੁੱਝ ਪੰਨੇ ਕੀ ਫਟੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਦੇ,,
ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਮਝਿਆਂ ਸਾਡਾ ਦੌਰ ਹੀ ਖਤਮ ਹੋ ਗਿਆ..!!