Kuch aashiq bhi duniya ch jhalle ne …
kuch duniya walo kle ne…
duniya sath nhi dendi eena da…
ee kle hi iss raah te chle ne…?”
Kuch aashiq bhi duniya ch jhalle ne …
kuch duniya walo kle ne…
duniya sath nhi dendi eena da…
ee kle hi iss raah te chle ne…?”
Teri har gal ch mera jikar howe
aini mere ch gal baat kithe?
me tere ton tainu jit lawaa
par.. meri aini aukaat kithe?
ਤੇਰੀ ਹਰ ਗੱਲ ਚ ਮੇਰਾ ਜ਼ਿਕਰ ਹੋਵੇ,
ਐਨੀ ਮੇਰੇ ਚ ਗੱਲ ਬਾਤ ਕਿੱਥੇ?
ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਤੈਨੂੰ ਜਿੱਤ ਲਵਾਂ,
ਪਰ… ਮੇਰੀ ਐਨੀ ਔਕਾਤ ਕਿੱਥੇ?
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।