Tere jaane kaa nhi aane kaa gum h mujhe ye baat btani h
Sabki trha humari bhi adhoori kahani h
Sabi singh
Tere jaane kaa nhi aane kaa gum h mujhe ye baat btani h
Sabki trha humari bhi adhoori kahani h
Sabi singh
Hua Savera Toh Hum Unke Naam Tak Bhool Gaye,
Jo Bujh Gaye Raat Mein Charagon Ki Lau Barhate Huye.
हुआ सवेरा तो हम उनके नाम तक भूल गए
जो बुझ गए रात में चरागों की लौ बढ़ाते हुए।
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?