
Te man vich Murat teri..!!
Bullan te naam howe tera
Akhan ch rahe Surat teri..!!

बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Apni nazro se kaho esi nazro se na dekhe muje😍
Nazar uthti nhi meri nazro se takrane ke baad👀
Bhut sambhala hai dil hi to hai❤
Kahi machal na jaye nazar milane ke baad🙈
अपनी नज़रों से कहो ऐसी नज़रों से ना देखें मुझे😍
नज़र उठती नहीं मेरी नज़रों से टकराने के बाद👀
बहुत संभाला है दिल ही तो है❤
कहीं मचल ना जाये नज़र मिलाने के बाद🙈