
Te man vich Murat teri..!!
Bullan te naam howe tera
Akhan ch rahe Surat teri..!!

“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
ajh kal dorriyaa ki wadh gaiyiaa saade vich
sadde haase v khamosh hunde jaa rahe ne
ਅੱਜ-ਕੱਲ੍ਹ ਦੂਰੀਆਂ ਕਿ ਵੱਧ ਗਈਆਂ ਸਾਡੇ ਵਿੱਚ,
ਸਾਡੇ ਹਾਸੇ ਵੀ ਖਾਮੋਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।💯