ਸਾਨੂੰ ਸੱਜਣਾ ਇਹ ਲੱਗਦੇ ਨੇ ਮੰਦੜੇ ਜਿਹੇ..!!
ਬਿਨਾਂ ਤੇਰੇ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਨੂੰ ਨਾ ਤੱਕਦੀਆਂ ਨੇ
ਅਸਾਂ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਗ ਲਾਏ ਚੰਦਰੇ ਜਿਹੇ..!!
1. जो मेरे बारे में बुरा सोचते हैं, उन्हें मुझसे और बुरा कुछ नहीं हो सकता।
2. जिन्दगी में शानदारी सिर्फ उन्हीं को मिलती है, जो हार मानने के बाद भी उठते हैं।
3. हमारी अदा और गुस्ताखी तबाह कर सकती है, इसलिए हमें हमेशा संभालकर चलना चाहिए।
4. ताकत उसी की होती है जो हर हाल में खड़ा रहता है, जबकि कमजोरी वो है जो चाहे भले ही दिखाए।
5. जो लोग हमारे बारे में बकवास करते हैं, उन्हें समझाने की जरूरत नहीं, क्योंकि शेर खुद बकवास नहीं सुनता।
6. ज़िंदगी की रफ़्तार में हम चाहे जैसे भी खड़े हों, हमारा निशान उन्हीं लोगों के दिलों पर छोड़ता है, जिन्होंने हमें रोकने की कोशिश की।
7. जब तक तुम खुद को निराश नहीं करोगे, कोई और तुम्हें हारा नहीं सकता।
8. हम जब चलते हैं तो लोग देखते हैं, हम जब रुकते हैं तो लोग सोचते हैं, और हम जब उठते हैं तो लोग याद करते हैं।
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।