Ohde aakhri labza ne naumeed karta c,,
Jis rah shad k gai otho mudna okha karta c..
Ohde aakhri labza ne naumeed karta c,,
Jis rah shad k gai otho mudna okha karta c..
Yuhi waqt bewaqt teri raah takte barso beet gye
Fir bhi meri nazro me tere liye intezaar wahi hain… 🥀
यूँहीं वक़्त बेवक़्त तेरी राह तकते बरसों बीत गए
फ़िर भी मेरी नज़रों मे तेरे लिए इंतज़ार वही हैं।। 🥀
काश,जिंदगी सचमुच किताब होती
पढ़ सकता मैं कि आगे क्या होगा?
क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा?
कब थोड़ी खुशी मिलेगी, कब दिल रोयेगा?
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
फाड़ सकता मैं उन लम्हों को
जिन्होने मुझे रुलाया है..
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है…
खोया और कितना पाया है?
हिसाब तो लगा पाता कितना
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
वक्त से आँखें चुराकर पीछे चला जाता..
टूटे सपनों को फिर से अरमानों से सजाता
कुछ पल के लिये मैं भी मुस्कुराता,
काश, जिदंगी सचमुच किताब होती।