Insaana di iss duniyaa vich bas ehi
ik rona hai
jajjbaat apne hon taan jajjbaat hi ne
je dujhe de hon tan khidaune hai
ਇਨਸਾਨਾਂ ਦੀ ਇਸ #ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਸ ਏਹੀ
ਇੱਕ #ਰੋਣਾ ਹੈ।
ਜਜ਼ਬਾਤ ਆਪਣੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਜਜ਼ਬਾਤ ਹੀ ਨੇ,
ਜੇ ਦੂਜੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਖਿਡਾਉਣਾ ਹੈ।
Insaana di iss duniyaa vich bas ehi
ik rona hai
jajjbaat apne hon taan jajjbaat hi ne
je dujhe de hon tan khidaune hai
ਇਨਸਾਨਾਂ ਦੀ ਇਸ #ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਸ ਏਹੀ
ਇੱਕ #ਰੋਣਾ ਹੈ।
ਜਜ਼ਬਾਤ ਆਪਣੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਜਜ਼ਬਾਤ ਹੀ ਨੇ,
ਜੇ ਦੂਜੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਖਿਡਾਉਣਾ ਹੈ।
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है