Insaana di iss duniyaa vich bas ehi
ik rona hai
jajjbaat apne hon taan jajjbaat hi ne
je dujhe de hon tan khidaune hai
ਇਨਸਾਨਾਂ ਦੀ ਇਸ #ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਸ ਏਹੀ
ਇੱਕ #ਰੋਣਾ ਹੈ।
ਜਜ਼ਬਾਤ ਆਪਣੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਜਜ਼ਬਾਤ ਹੀ ਨੇ,
ਜੇ ਦੂਜੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਖਿਡਾਉਣਾ ਹੈ।
Insaana di iss duniyaa vich bas ehi
ik rona hai
jajjbaat apne hon taan jajjbaat hi ne
je dujhe de hon tan khidaune hai
ਇਨਸਾਨਾਂ ਦੀ ਇਸ #ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਸ ਏਹੀ
ਇੱਕ #ਰੋਣਾ ਹੈ।
ਜਜ਼ਬਾਤ ਆਪਣੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਜਜ਼ਬਾਤ ਹੀ ਨੇ,
ਜੇ ਦੂਜੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ #ਖਿਡਾਉਣਾ ਹੈ।

ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम