खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।
Tanhai aur dard ka aalam tum kya samjhoge
Tumhe to ashq bahane se fursat nahi
Kisi ke dil ki halat tum kya samjhoge
Tumhe to ilzaam lagane se fursat nahi ✌️😕
तन्हाई और दर्द का आलम तुम क्या समझोगे,
तुम्हे तो अश्क बहाने से फुर्सत नहीं।
किसी के दिल कि हालत तुम क्या समझोगे,
तुम्हे तो इल्जाम लगाने से फुर्सत नहीं।✌️😕