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Andaze hi laa sakde ho || 2 lines true shayari

apni sakhshiyat baare khud raye banao te apne parshanshak khud bano
kyuki tusi hi apne baare jande ho
baki sirf andaaze hi lgaa sakde ho

ਆਪਣੀ ਸਖਸ਼ੀਅਤ ਬਾਰੇ ਖੁਦ ਰਾਇ ਬਣਾਉ ਤੇ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਕ ਖੁਦ ਬਣੋ,
ਕਿਉਂਕਿ ਤੁਸੀਂ ਹੀ ਆਪਣੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਦੇ ਹੋ
ਬਾਕੀ ਸਿਰਫ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਹੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹਨ।

ਹਰਸ✍️

Title: Andaze hi laa sakde ho || 2 lines true shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


SUPNEYAA DA BEEZ || Dil da Sad Status

Kandiyaan nu kaliyaan samajh k kihne kad gal laiyaa 
ehe tan #gagan hi kamla c jo ishq di khooni mitti vich, supniyaa da beejh boo aayia

ਕੰਡਿਆਂ ਨੂੰ ਕਲੀਆਂ ਸਮਝ ਕੇ ਕਿਹਨੇ ਕਦ ਗੱਲ ਲਾਇਆ
ਇਹ ਦਾ “ਗਗਨ” ਹੀ ਕਮਲਾ ਸੀ, ਜੋ ਇਸ਼ਕੇ ਦੀ ਖੂਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸੁਪਣਿਆਂ ਦਾ ਬੀਜ਼ ਬੋ ਆਇਆ

Title: SUPNEYAA DA BEEZ || Dil da Sad Status


Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

आज गया  ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे 
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का  फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया  समय ऐसे ही
 कल तो तू ही चले जायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा| 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

कब तक  परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन  
सफल इंसान बन जायेगा|

अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|

कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
 बडे बडे सपने देख लेता है
 जब मेहनत करने समय आता है
 तो सपनो को  दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |

कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|

वो सोचते थे जो भी 
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही  बोलता था
काम बोलके दिखाता था |

मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता