अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Enjoy Every Movement of life!
अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
YEH JO TALKH ZABAANI AAP KI SUNTE AAYE HAIN AAJ TAK HUM
BAA KHUDA ISE EHTERAAMAN HUM NE APNE ZARF MAIN DHAALA HUA HAI
یہ جو تلخ زبانی آپ کی سنتے آئے ہیں آج تک ہم
با خدا اسے احتراماََ ہم نے اپنے ظرف میں ڈھالا ہوا ہے
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️