अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Enjoy Every Movement of life!
अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Do din ki zindagani hai,
Phir bhi isme jeena hamari bezubani hai.
कहाँ मिलता है कभी कोई समझने वाला,
जो भी मिलता है समझा के चला जाता है।