अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Enjoy Every Movement of life!
अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Oh ruseyaa jinni vari har vaar maneya me
palkan ute bitha k dildar baneya me
ਉਹ ਰੁਸਿਆ ਜਿੰਨੀ ਵਾਰੀ ਹਰ ਵਾਰ ਮਨਾਇਆ ਮੈਂ
ਪਲਕਾਂ ਉਤੇ ਬਿਠਾ ਕੇ ਦਿਲਦਾਰ ਬਣਾਇਆ ਮੈਂ
If not you…..then WHO ?
If not now…..then WHEN ?