अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Enjoy Every Movement of life!
अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
halaat jeho jehe marzi hon
shukar karna shikayetaa karn to behtar hai
ਹਾਲਾਤ ਜਿਹੋ ਜਿਹੇ ਮਰਜ਼ੀ ਹੋਣ,
ਸ਼ੁਕਰ ਕਰਨਾ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਿਹਤਰ ਹੈ