अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Enjoy Every Movement of life!
अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
Sanson ke rukne ki kya zaroorat thi “roop”
Maarne ki liye to unki ek nazar hi kaafi thi..!!
सांसों के रुकने की क्या ज़रूरत थी “रूप”
मारने के लिए तो उनकी एक नज़र ही काफी थी..!!
