
me tera hath fadhlaa
na kujh bole tu, na kujh bola me
akhaa teriyaa ton, bin bole pyaar padhlaa

Mein sayari likhta hu…tum mere jazbaat samaj lo.
Mein alfaaz likhta hu…tum meri Mohabbat samaj lo.
Hai khasiyat yahi hai meri …!
Mein ek dayare mein likhta hu…tum usko meri sharafat samaj lo… !✍️💐💫
मैं शायरी लिखता हूं … तुम मेरे जज़्बात समझ लो।
मैं अल्फाज लिखता हूं…तुम मेरी मोहब्बत समझ लो।
हे खासियत यही है मेरी…!
मैं एक दायरे में लिखता हूं …तुम उसको मेरी शराफत समझ लो!
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं