Iraade mere saaf ne
is karke aksar lok mere khilaaf ne
ਇਰਾਦੇ ਮੇਰੇ ਸਾਫ ਹੁੰਦੇਂ ਨੇ..
ਇਸੇ ਕਰਕੇ ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਮੇਰੇ ਖਿਲਾਫ ਹੁੰਦੇਂ ਨੇ..
Iraade mere saaf ne
is karke aksar lok mere khilaaf ne
ਇਰਾਦੇ ਮੇਰੇ ਸਾਫ ਹੁੰਦੇਂ ਨੇ..
ਇਸੇ ਕਰਕੇ ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਮੇਰੇ ਖਿਲਾਫ ਹੁੰਦੇਂ ਨੇ..
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
उसकी एक मुस्कुराहट, मेरे दिल की कई हसरतों को जिंदा करती है..
उसके रूप की स्याही मानो, कई रंग मेरे दिल में भरती है..
नजाकत से भरी नजरें जैसे, कह रही हों के मुझपे मरती हैं..
जवाब में मेरी नजरें भी उसे, हाँ में इशारा करती हैं..
कहते-कहते कई बातों को, जुबान कई बार ठहरती है..
मन ही मन काफ़ी कुछ कहकर, कुछ भी कहने से डरती है..