Badal gaye logg ehstaa-ehstaa
ab toh apna bhi hakk banta hai
ਬਦਲ ਗਏ ਲੋਗ ਅਹਿਸਤਾ-ਅਹਿਸਤਾ,
ਅਬ ਤੋ ਅਪਨਾ ਭੀ ਹਕ ਬਨਤਾ ਹੈ‼
Badal gaye logg ehstaa-ehstaa
ab toh apna bhi hakk banta hai
ਬਦਲ ਗਏ ਲੋਗ ਅਹਿਸਤਾ-ਅਹਿਸਤਾ,
ਅਬ ਤੋ ਅਪਨਾ ਭੀ ਹਕ ਬਨਤਾ ਹੈ‼
ewe bahutiaa fikraa na kareya kar
dimaag ‘ch ni asi tainu dil ‘ch rakheyaa
ਐਵੇਂ ਬਹੁਤੀਆਂ ਫਿਕਰਾਂ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਦਿਮਾਗ ‘ਚ ਨੀਂ ਅਸੀਂ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ‘ਚ ਰੱਖਿਆ…❤
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।