वो बदल रहा है, उसका यार बदल रहा है,
देखता हूं जितनी बार ,उतनी बार बदल रहा है,
माना है कम समझ मुझे दुनिया जमाने की,
तुम्हें तो है,
शायद तभी तुम्हारा हर बार विचार बदल रहा है,💯
वो बदल रहा है, उसका यार बदल रहा है,
देखता हूं जितनी बार ,उतनी बार बदल रहा है,
माना है कम समझ मुझे दुनिया जमाने की,
तुम्हें तो है,
शायद तभी तुम्हारा हर बार विचार बदल रहा है,💯
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!
Nahi hai saboot ke begunaah hu me
logo ne baato baato me mujhe gunehgaar bna diya
नहीं है सबूत के बेगुनाह हूं मैं,
लोगो ने बातों बातों में मुझे गुनहगार बना दिया...