वो बदल रहा है, उसका यार बदल रहा है,
देखता हूं जितनी बार ,उतनी बार बदल रहा है,
माना है कम समझ मुझे दुनिया जमाने की,
तुम्हें तो है,
शायद तभी तुम्हारा हर बार विचार बदल रहा है,💯
Enjoy Every Movement of life!
वो बदल रहा है, उसका यार बदल रहा है,
देखता हूं जितनी बार ,उतनी बार बदल रहा है,
माना है कम समझ मुझे दुनिया जमाने की,
तुम्हें तो है,
शायद तभी तुम्हारा हर बार विचार बदल रहा है,💯
Sara shehar likh diya ik kagaz mein,
Jise padhta gaya use mitata gya,
Aks mila bhi to khali maikhane mein,
Khudko pdhta gya khudko pilata gaya…
सारा शहर लिख दिया इक काग़ज़ में,
जिसे पढ़ता गया उसे मिटाता गया,
अक्स मिला भी तो खाली मयखाने में,
खुदको पढ़ता गया खुदको पिलाता गया….
Bhul betha si kade chann taare kise de ni hoe.
Aiwe ambra wal hath marda reha..