Enjoy Every Movement of life!
वो खुद भूखा रहकर तुम्हारा पेट सींच रहा है,
देखो आज,
चेहरे पर मुस्कान लिए भीगी पलकें मीच रहा है,
दो वक्त की रोटी, रोटी देने वालों को नसीब नहीं,
वो कौनसा तुम्हारी भारी जेबों से नोट खीच रहा है....
थोड़ी खुशियां उनकी झोली में भी नसीब हो,
आज दूर है कल वापस मिट्टी के करीब हो,
इक सैलाब ने खूब कोहराम मचाया,
ऐसा ना हो के दूसरा भी करीब हो...
ਮੇਰੀ ਤਕਦੀਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵੀ ਦੁੱਖ ਨਾ ਹੁੰਦਾ , ਜੇ ਤਕਦੀਰ ਲਿਖਣ ਦਾ ਹੱਕ ਮੇਰੀ ਮਾਂ ਨੂੰ ਹੁੰਦਾ,,🤱
Meri taqdeer vich ek ve dukh na hunda, je takdir likhn da hak meri maa nu hunda,,🤱
