Skip to content

Bahar se dikh rahe || Hindi 2 Liners

बाहर से दिख ने में कुछ पता नहीं चलता।

पानी के अंदर में धारा का प्रवाह बहता।

……………………………………………….

वोट देते हैं लोगों, लेकिन विजेता नेता।  

नेता बनते है महान, सिर्फ आम ही रहे जाते हैं जनता।

………………………………………………………………

कवि बुद्धिजीवी और बुद्धिमान दोनों ही होते।

बहुत सारे बुद्धिजीवी बुद्धिमान नहीं हैं और बहुत बुद्धिमान भी बुद्धिजीवी हो नहीं पाते।

……………………………………………………………………………..

कोविशिल्ड और कोवैक्सीन में सिर्फ नाम का अंतर।

सब इंसान एक हैं, अलग हैं व्यवहार।

…………………………………………………………………………….

बारिश हो रही है, होने दो।

इंसान दुखी है, रोने दो।

……………………………………………………………………………

जिंदगी का मतलब हर वक्त पर दर्द को सम्हालना।

दवा और मलहम नियति की हात का खिलौना।

………………………………………………………………………….

दिल की बात रखो दिल में।

दूसरे जानकर मजा लेंगे और दिल जलेगी आग में।

………………………………………………………………………………

भूख जिसे चोरी करना सिखाया, वो बेकसूर है।

असली चोर तो वो है, जो ज्यादा खा के भी लालच करता है।

……………………………………………………………………………..

कुत्ते के साथ मुँह मत लगाना।

गंदे के मुँह मत देखना।

……………………………………………………………………………..

घने बादल हमेशा बारिश नहीं लाते।

कभी कभी ख़ुशी में भी गम नहीं जाते।

………………………………………………………………………….

अगर औरत की साथ प्यार हो तो वो रोमांस है।

लेकिन कोई मर्द का साथ प्यार हो ना ओफ्फेंस है।

…………………………………………………………………………….

सब दोस्ती प्यार नहीं बनते।

सब रिश्ते रिश्तेदार भी नहीं लाते।

……………………………………………………………………………

पागलखाने में पागल नहीं रहते।

पागलपन सब के दिमाग में, मानसिक इसे ही कहते।

……………………………………………………………………………

पूजा जितना भी करो, मंत्र हज़ार बार पढ़ो, भगवान खुश नहीं।

लोकतंत्र की पुजारी ही असली पुजारी, सच यही।

…………………………………………………………………………..

चादर में सोए रहो या बिस्तर पर, नींद होनी चाहिए।

दिल से प्यार करो या दिमाग से, आस्था होनी चाहिए।

…………………………………………………………………………..

पहाड़ से नदी निकलती है और मिलती है सागर में।

पत्थर गतिरोधक, नदी जीवन की गति और समुद्र नियति है। 

……………………………………………………………………………..

Title: Bahar se dikh rahe || Hindi 2 Liners

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Love shayari hindi || Nazaane kyu din raat likh

LOVE SHAYARI HINDI || NAZAANE KYU DIN RAAT LIKH
Nazaane kyu din raat likh raha hu
tujhse judi har baat likh raha hu
yeh to log hai jo mujhe “shayar” kehte hai
mai to bas dil ke jazbaat likh raha hu




Dil kurlaunda c bthera

Dil kurlaunda c bthera ..hnju rukde nhi c mere

Jdon oh eh keh k shdd gye k asi kabil nhi ha tere