क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
Enjoy Every Movement of life!
क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना

Aye dost hum ne tark-e-mohabbat ke bawjood,
Mehsoos ki hai teri zaroorat kabhi kabhi..