क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
Enjoy Every Movement of life!
क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
“जो अपने गुस्से को अपनी ताकत बना सकते है, वो एक ना एक दिन जरूर सफल होते है।”
बिता कल सबका होता है
कुछ दर्द भरा तो
कुछ खुशियो से भरा होता है
छोडके सारे गिले शिकवे
ए दोस्त तू आगे बड
खूशियो से भरा कल
आनेवाला है