क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
Enjoy Every Movement of life!
क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
AAYE THE MEHFIL MAIN BAS LE KAR KUCH ASHAAR HUM
WAQT-E-RUKHSAT HOUSLA BADH GAYA NAWAAZISH SE LOGON KI
آئے تھے محفل میں بس لے کر کچھ اشعار ہم
وقتِ رخصت حوصلہ بڑھ گیا نوازش سے لوگوں
meree sab koshishen naakaam thee unako manaane ki,
kahaan seekheen hai zaalim ne adaen rooth jaane ki.
मेरी सब कोशिशें नाकाम थी उनको मनाने कि,
कहाँ सीखीं है ज़ालिम ने अदाएं रूठ जाने कि.