क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
Enjoy Every Movement of life!
क्या इतना ही जरूरी है इश्क जताना
हर बात पे रूठे हुओ को मनाना
कुछ बाते अनकही भी कहे है
जरूरी नहीं होता है बात पे सर झुकाना
Socha tha tadpayenge hum unhe,
Kisi aur ka naam leke jalayenge hum unhe,
Fir socha mene unhe tadpaake dard mujhe hi hoga,
To Fir bhala kis trah stayein hum unhe😐
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।😐